Saturday, 28 March 2009

आइए , थोडा ही सही , मातृ ऋण को चुकता करने की कोशिश तो करें

कल की नीरज नाम के उक्‍त व्‍यक्ति की टिप्‍पणी से बनी मेरी परेशानी को दूर करने में और हौसला बढाने में आप सब पाठकों का जो सहयोग मिला , उसके लिए बहुत बहुत धन्‍यवाद। आइए , आज ज्‍योतिष की चर्चा न कर एक खास मुद्दे पर चर्चा करें। इतनी बडी जनसंख्‍या का बोझ उठाती , भोजन , वस्‍त्र , आवास जैसी मूल आवश्‍यकताओं के साथ ही साथ अन्‍य हर प्रकार की जरूरत को पूरा करती धरती माता के अहसान को याद करें। आजतक धरती माता हमारी सारी जरूरत इसलिए पूरी कर पा रही है , क्‍योंकि वह समर्थ है। पर सोंचकर देखें , उस दिन के बारे में , जब यह असमर्थ हो जाए , जिस दिशा में जाने की सिर्फ शुरूआत ही नहीं हुई , बहुत दूर तक का सफर तय किया जा चुका है। अपनी आंचल और गर्भ में हमारे लिए हर सुख सुविधा को समेटे हरी भरी धरती माता खूबसूरत रूप ही आज खोता जा रहा है।


बीसवीं सदी के अंधाधुंध जनसंख्‍या वृद्धि की आवश्‍यकताओं को पूरी करने के क्रम में हो या विकास की अंधी दौड के लालच में , कल कारखानों की संख्‍या के बढने से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पडना स्‍वाभाविक है। पृथ्‍वी के बढते हुए तापमान से हिम पिघलते जा रहे हें , जलस्‍तर नीचे आता जा रहा है , समुद्र तल बढता जा रहा है। साधनों के अंधाधुंध दोहन से धरती माता की सुंदरता तो समाप्‍त हुई ही है , उसके सामर्थ्‍य पर भी बुरा प्रभाव पड रहा है और माता ही जब सामर्थ्‍यहीन हो जाए तो उसे मजबूरीवश ही सही , उसे बच्‍चों को रोता बिलखता छोडना ही होगा। हम कल्‍पना भी नहीं कर सकते कि वह दिन कितना भयावह होगा।


आजतक हमने अपनी पृथ्‍वी मां को कुछ दिया नहीं है , देना भी नहीं था , सिर्फ इसे नष्‍ट भ्रष्‍ट होने से बचाए रखना था , वो भी नहीं कर पाए हमलोग। कल से ही रचना जी और अरविंद मिश्रा जी ने कई ब्‍लोगों के माध्‍यम से ‘धरती प्रहर’ में अपना वोट धरती के पक्ष में देने की अपील की है। वैसे अभी तक इस दिशा में किया जानेवाला प्रयास काफी कम है और हमें मालूम है कि इससे पूरी सदी में बिगाडे गए पर्यावरण को बनाने में सफलता नहीं मिलेगी। फिर भी आइए , थोडा ही सही , मातृऋण को चुकता करने की दिशा में कम से कम प्रयास तो किया जाए। आज धरती माता के पक्ष में मतदान करने के लिए साढे आठ बजे से साढे नौ बजे तक अपने घर के बिजली के मेन स्विच को ही आफ कर दें और एक घंटे बिना बिजली के बिताकर धरती माता के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर करें।

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