Tuesday, 1 June 2010

दिल को खुश करनेवाली रही यह दिल्‍ली-यात्रा

यूं तो पिछले तीन वर्षों से मई या जून महीने में मुझे दिल्‍ली में ही रहने की जरूरत पडती रही है , पर इस वर्ष की दिल्‍ली यात्रा बहुत खास रही । पूरे मई महीने दिल्‍ली में व्‍यतीत करने के बाद कल ही बोकारो लौटना हुआ है , इस दिल्‍ली यात्रा में बहुत रंग आते जाते दिखे , खट्टे मीठे अनुभवों से युक्‍त पूरे महीने की खास बातों की चर्चा आनेवाले पोस्‍ट में अवश्‍य करूंगी , आज संक्षेप में मीठे अनुभवों की चर्चा .....

 मम्‍मी , दोनो भाभियों और तीनों भतीजे भतीजियों का साथ ...


दिल्‍ली की ब्‍लॉगर मीट .....

                             

भतीजे का मुंडन ......


और खासकर छोटे बेटे के द्वारा आई आई टी और बिट्स पिलानी दोनो ही संस्‍थानों में इंजीनियरिंग की एक सीट प्राप्‍त कर पाने की सफलता .....
 


मेरे लिए इस बार की दिल्‍ली यात्रा दिल को खुश कर देने वाली सिद्ध हुई।

36 comments:

M VERMA said...

अच्छा लगा
खास बातों की चर्चा का इंतजार रहेगा

Suman said...

nice

'अदा' said...

bahut accha laga..padh kar..
aapse baat karke bhi bahut accha laga tha...Delhi mein..
shukriya...

Udan Tashtari said...

वाह!! बेटे के सेलेक्शन पर बहुत बधाई.

राजीव तनेजा said...

आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा ...
आपके दिल्ली प्रवास के विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा रहेगी

खुशदीप सहगल said...

यथा जननी, तथा सुत...

बेटे की दोहरी सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई...

दिल्ली में आपसे मुलाकात यादगार रही...बस एक कसक रह गई कि आपको नोएडा आने के लिए वक्त नहीं मिल सका..अगली बार ज़रूर ध्यान रखिएगा...

जय हिंद...

Arvind Mishra said...

बेटे की सफलता की बधाई-हमें मालूम है कि आपकी दिल्ली यात्रा मंगलमय और आनंदमय रही है !

अविनाश वाचस्पति said...

और आपको साक्षात पाकर तो मैं भी निहाल हो गया। जो बोले सो निहाल। सत् श्री अकाल।

ललित शर्मा said...

आपसे मिलकर अच्छा लगा

अब आपकी पोस्ट का इंतजार है।

राम राम

श्यामल सुमन said...

अपने सुखद अनुभवों को हम सबके बीच बाँटना सुखद लगा।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com

पी.सी.गोदियाल said...

Badhiyaa sanheta ji, ise kahte hain ek panth do kaaj

मनोज कुमार said...

बहुत अच्छा लगा, पढकर।

योगेन्द्र मौदगिल said...

badhai....

honesty project democracy said...

शानदार भावनात्मक रिश्तों को सम्मान देती और उसके लिए यात्रा का वर्णन करती पोस्ट के लिए आपका धन्यवाद |

ललित शर्मा said...

संगीता जी आपके ब्लाग पर आगमन पर पुन: स्वागत है। अब बहुत आराम कर लिए, दो चार पोस्ट लिखिए दिल्ली के अनुभव पर्।

बालक के इंजिनियरिंग में चयन पर बधाई

डॉ टी एस दराल said...

होनहार बेटे की दोहरी सफलता पर हार्दिक बधाई।
दिल्ली में आपसे न मिल पाने का खेद रहेगा ।
आपके दिल्ली अनुभव का इंतजार रहेगा ।

अमिताभ मीत said...

बधाई संगीता जी, बेटे की सफलता पर हार्दिक बधाई !!

नीरज जाट जी said...

आपसे मिलकर अच्छा लगा।

बी एस पाबला said...

मीठे अनुभवों की संक्षिप्त-सचित्र चर्चा दिल को खुश कर गयी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपको बहुत-बहुत बधाई!
काश् हम भी इस मीट में शामिल हो पाते!

दिलीप said...

are waah badhaiyan

अन्तर सोहिल said...

परिवार से मिलकर अच्छा लगा।
छोटे बेटे की सफलता पर बधाई।
अगली पोस्टों का इंतजार है जी

प्रणाम

अन्तर सोहिल said...

मुंडन के बाद भतीजा फोटो में स्टाईल मार रहा है :-)

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत बहुत बधाई..

व्योम said...

आपने ब्लॉग में जो तस्वीर लगाई थी उसकी तुलना में आप कम उम्र दिख रही है इन तस्वीरों में| भगवान ऐसे ही आपको तंदुरुस्त और प्रसन्न रखें|

shikha varshney said...

bahut achcha l;aga padhkar.

राज भाटिय़ा said...

सब से पहले तो आप को बेटे की सफलता के लिए बहुत-बहुत बधाई.फ़िर भतीजे के मुंडन की बधाई, सभी चित्र बहुत सुंदर लगे, भगवान आप की खुशियो को ओर भी ज्यादा बढाये

DHARMENDRA LAKHWANI said...

बहुत-बहुत बधाई...

डॉ महेश सिन्हा said...

बधाई हो

Sanjeet Tripathi said...

badhai aapko.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बेटे की सफलता पर बधाई!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

चित्र और आपकी खुशी जान कर अच्छा लगा...बेटे की सफलता के लिए बधाई

GITESH UPPAL said...

bete k liye bahut bahut shubhkamanayein,

aapse milne ki iccha adhuri hee reh gayi,

शारदा अरोरा said...

बहुत बहुत बधाई हो संगीता जी , बेटे की सफलता पर ।

vinay said...

आपसे टेलीफोन पर आपसे बात करके,अच्छा लगा पत्नी के आँखो के आपरेशन के कारण,बहुत सी बातों मुझे भी ख्याल रखना पड़ता है,इस कारण बलोगर मीट में न आ सका,नहीं तो आपसे मुलाकात भी हो जाती ।

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत बहुत बधाई बेटे की एडमिशन की ..आपसे मिलने की इच्छा इस बार फिर से अधूरी रह गयी ...

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